नई दिल्ली में विपक्षी इंडिया गठबंधन और विभिन्न सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली को लेकर एक संयुक्त बैठक में हिस्सा लिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक और जन प्रतिरोध को आगे भी जारी रखा जाएगा और अंततः इसकी जीत होगी।

यह बैठक राहुल गांधी के आधिकारिक आवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के साथ-साथ सिविल सोसायटी के सदस्य और छात्र नेता भी शामिल हुए। इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे, कांग्रेस संसदीय दल की chairperson सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा आरजेडी से तेजस्वी यादव और मनोज झा, जेएमएम से महुआ माजी, सपा से कई सांसद, और वाम दलों के नेता जैसे डी राजा और एमए बेबी भी उपस्थित रहे।
न्यायपालिका से उम्मीद और कानूनी प्रक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने देश की न्यायपालिका और सर्वोच्च न्यायालय के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य न्यायाधीश और न्याय प्रणाली इस प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी संस्था सहयोग करे या न करे, जनता और विपक्षी दलों का यह प्रतिरोध बिना रुके आगे बढ़ता रहेगा।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई का संकल्प
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि देश के संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और ऐसा करने वाले आसानी से बच नहीं सकते। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। गठबंधन ने यह संकल्प दोहराया कि लोकतंत्र की रक्षा और संविधान को बचाने के लिए उनका यह साझा संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

