शक्ति का उद्देश्य दूसरों को सक्षम बनाना होना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

शक्ति का उद्देश्य दूसरों को सक्षम बनाना होना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की प्रगति सामूहिक विकास और साझा अवसरों में निहित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत वैश्विक स्तर पर स्थिरता और विश्वसनीयता प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

शक्ति का उद्देश्य दूसरों को सक्षम बनाना होना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि शक्ति का वास्तविक उद्देश्य केवल नियंत्रण स्थापित करना या प्रतिस्पर्धा करना नहीं है, बल्कि दूसरों को सक्षम और सशक्त बनाना है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशासन के तालमेल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति में शासन की कार्यसंस्कृति का मुख्य आधार लोगों को आत्मनिर्भर नहीं बल्कि पूरी तरह सक्षम बनाना है। पिछले एक दशक में लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के पीछे इसी सशक्तिकरण आधारित शासन मॉडल की अहम भूमिका रही है।

डिजिटल समावेशन और प्रौद्योगिकी की ताकत

डिजिटल और तकनीकी क्षेत्रों में बदलावों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में डेटा की कीमतें कम होने से छोटे शहरों और गांवों तक के नागरिकों को बाजारों और ज्ञान तक सीधी पहुंच मिली है। भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की मिसाल देते हुए उन्होंने बताया कि एक छोटे रेहड़ी-पटरी विक्रेता से लेकर बड़े कारोबारी तक समान डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही, देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से बढ़ा है, जिसमें छोटे शहरों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी जा रही है।

शक्ति का उद्देश्य दूसरों को सक्षम बनाना होना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

हरित ऊर्जा और सतत विकास के लक्ष्य

जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की पहलों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि देश ने निर्धारित समय से पहले ही अपने नवीकरणीय ऊर्जा के कई लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। सौर ऊर्जा और विभिन्न पर्यावरण अनुकूल योजनाओं से कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और नागरिकों का आर्थिक सशक्तिकरण भी हुआ है।

वैश्विक सहयोग और आर्थिक मजबूती

वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन के संकट और अनिश्चितताओं के बीच भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने हमेशा सहयोगात्मक और समावेशी विकास का मार्ग चुना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पहलों के जरिए भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण को प्राथमिकता दी है। मजबूत आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में स्थिरता का प्रतीक हैं।

Anju Kunwar

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