क्षेत्रीय अशांति और हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बाद, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब की अपनी सभी उड़ान सेवाओं का निलंबन 24 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस अस्थाई रोक के दायरे में जेद्दा, दम्माम और रियाद के लिए संचालित होने वाली तमाम उड़ानें शामिल हैं। विमानन कंपनियों की ओर से बताया गया है कि यह कदम मुसाफिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

यात्रियों के वास्ते विशेष ट्रेवल एडवाइजरी
इस स्थिति से निपटने के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की गई है जिसके तहत जिन लोगों के टिकट 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले बुक हुए थे और जिनकी आवाजाही 9 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के दरमियान तय थी, वे एक मर्तबा बिना किसी शुल्क के अपनी तारीख बदल सकते हैं। यह सहूलियत 10 नवंबर 2026 तक की यात्रा के वास्ते मान्य है। इसके अलावा सफर रद्द करने का विकल्प चुनने वालों को पूरा रिफंड दिया जाएगा।
खाड़ी देशों के दूसरे एयरपोर्ट्स से रीबुकिंग
मूल गंतव्यों के विकल्प के तौर पर मुसाफिरों को खाड़ी सहयोग परिषद क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों से टिकट रीबुक करने की अनुमति भी दी गई है। एअर इंडिया के मुसाफिर रियाद, जेद्दा या दम्माम के बदले दोहा या दुबई को चुन सकते हैं, जबकि एअर इंडिया एक्सप्रेस के ग्राहक बहरीन, अबू धाबी, कुवैत, मस्कट या शारजाह जैसे शहरों का रुख कर सकते हैं। हालांकि, वैकल्पिक एयरपोर्ट तक पहुंचने का खर्च और वहां के वीजा नियमों को पूरा करने की जवाबदारी पूरी तरह से यात्रियों की खुद की होगी।
हिंसा और हालिया घटनाओं का प्रभाव
उड़ानों को बंद रखने का यह अहम फैसला 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के पश्चात लिया गया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की पुष्टि की थी कि इस हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जिससे इस घटना में मरने वालों का आंकड़ा तेरह तक पहुंच गया है। उधर, हूती विद्रोहियों ने मक्का और मदीना को छोड़कर पूरे सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित करार दिया है और विदेशी नागरिकों तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को चेतावनी दी है।

