पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर झड़प, कई तालिबान कर्मियों के मारे जाने का दावा

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर झड़प, कई तालिबान कर्मियों के मारे जाने का दावा

पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा से सटी सीमा पर हुई एक कथित झड़प में अफ़ग़ानिस्तान तालिबान के कई कर्मी मारे गए हैं। यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में हुई गोलीबारी के जवाब में की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह हिंसा ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है।

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर झड़प, कई तालिबान कर्मियों के मारे जाने का दावा

सीमा पर हुई गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी की यह घटना ताइदा सेक्टर, ऊपरी कुर्रम और घुज़ गढ़ी क्षेत्रों में रिपोर्ट की गई। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अफ़ग़ानिस्तान तालिबान ने आतंकवादियों की सीमा पार से घुसपैठ को सुगम बनाने के लिए कथित तौर पर यह गोलीबारी शुरू की थी। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कार्रवाई की।

घुज़ गढ़ी सीमा क्षेत्र के पास हुई इस जवाबी कार्रवाई में कई तालिबान कर्मी मारे गए। इसके अलावा, ऊपरी कुर्रम सेक्टर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने विशेष रूप से अफगान तालिबान की ‘टॉप्सर’ चौकी और ‘शिफोला’ बेस कैंप को अपने निशाने पर लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में शिफोला बेस कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। साथ ही, भारी गोलाबारी और जवाबी प्रतिक्रिया के बाद कई तालिबान सदस्यों ने अपनी सीमा चौकियों को कथित तौर पर छोड़कर पीछे हटने का फैसला किया।

आतंकी हमलों में वृद्धि और द्विपक्षीय तनाव

विश्लेषकों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के वापस सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान को विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमलों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान में सितंबर के दौरान पिछले बारह वर्षों के मुकाबले सबसे अधिक मासिक आतंकवादी हमले दर्ज किए गए थे।

पाकिस्तान के एक स्वतंत्र थिंक टैंक, जो हिंसक वारदातों और आतंकवाद पर नजर रखता है, द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए पाकिस्तान ने इस वर्ष की शुरुआत में एक सैन्य अभियान भी शुरू किया था।

इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान की सरकार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादियों के लिए एक विशेष शब्द का उपयोग करती है। इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने अफगानिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर सुनियोजित हवाई हमले करने की जानकारी भी दी थी, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए थे।

हालांकि दोनों पक्षों के बीच पहले कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस्लामाबाद और काबुल अपने मतभेदों को सुलझाने में अब तक पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए हैं। अफ़ग़ानिस्तान की धरती से सक्रिय आतंकवादी गुटों का संचालन दोनों सरकारों के बीच सबसे बड़ा और मुख्य विवाद का बिंदु बना हुआ है, जिसके कारण सीमाई क्षेत्रों में अक्सर इस प्रकार की झड़पें देखने को मिलती हैं।

Anju Kunwar

Learn More →