अंबेडकर नगर जिले में इन दिनों दुकानों के सामने खुले में बिकने वाली मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्रियां स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। इन खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए न तो उचित इंतजाम किए जा रहे हैं और न ही धूल व मक्खियों से बचाने के कोई प्रभावी उपाय दिखते हैं। चिकित्सकों का मानना है कि इस तरह खुले में रखे सामान का सेवन करने से लोगों को पेट से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा संक्रमण का खतरा
बाजार में बिकने वाली इन खुली सामग्रियों पर लगातार उड़ने वाली धूल और मक्खियां बैठती रहती हैं, जो संक्रमण को सीधे हमारे शरीर तक पहुंचाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के दूषित खान-पान से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। लापरवाही के चलते आम जनता अनजाने में ऐसी चीजें खा लेती है जो बाद में गंभीर पेट रोगों का कारण बन जाती हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद हालात जस के तस
इससे पहले नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य सामग्रियों के नमूने भी एकत्रित किए गए थे और लगभग पांच क्विंटल मिलावटी सामग्री को मौके पर नष्ट भी कराया गया था। हालांकि, इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी मैदानी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है और दुकानदार आज भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

