उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रविवार की देर रात एक जूनियर डॉक्टर की तबीयत संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक बहुत अधिक बिगड़ गई। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कुछ लोगों द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संदेह भी जताया जा रहा है।

थरौली के निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, मोहाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बर्डपुर के निवासी डॉ. परवेज खान जिला मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। रविवार की देर रात जब उनकी तबीयत अचानक गंभीर हुई, तो कुछ लोग उन्हें लेकर थरौली स्थित एक अन्य निजी अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत उनका प्राथमिक परीक्षण किया।
गले पर कसाव के निशान और धीमी हृदय गति
थरौली के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जब जूनियर डॉक्टर को उनके पास लाया गया, तो उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक थी। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनके गले पर कसाव के निशान बने हुए थे और उनकी हृदय की धड़कन (हार्ट रेट) भी काफी कम हो चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत किसी बेहतर और उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया, ताकि उनका उचित इलाज हो सके।
मेडिकल कॉलेज से दे चुके थे इस्तीफा
इस मामले को लेकर जब सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि डॉ. परवेज खान पहले मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे। हालांकि, उन्होंने करीब छह महीने पहले ही अपने इस पद से त्यागपत्र दे दिया था। मेडिकल कॉलेज छोड़ने के बाद से ही वह जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में काम कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले के संबंध में जब सिद्धार्थनगर के एसएचओ नवीन सिंह से संपर्क किया गया, तो उनका कहना था कि पुलिस को इस घटना की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

