करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है, जिसमें वे पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उपवास रखती हैं। हालांकि, हर महिला के लिए बिना पानी और भोजन के पूरा दिन बिताना सुरक्षित नहीं माना जाता है। कुछ विशेष स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना परेशानी का सबब बन सकता है। आइए जानते हैं कि किन परिस्थितियों में महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शरीर के बेहतर पोषण और पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। इस अवस्था में लंबे समय तक भूखे रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं, जो मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में यदि व्रत रखना हो तो डॉक्टर की सलाह से फलाहार या दूध का सेवन किया जा सकता है।
स्तनपान कराने वाली माताएं
छोटे बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं को अपनी डाइट और हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। पूरे दिन पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक थकान हो सकती है। इसलिए इस दौरान अपनी और बच्चे की सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।
डायबिटीज और दिल की बीमारी से पीड़ित महिलाएं
मधुमेह से पीड़ित महिलाओं के लिए लंबे समय तक कुछ न खाना ब्लड शुगर के स्तर को असंतुलित कर सकता है। इसके अलावा, हृदय रोगियों को भी खानपान और दवाओं का पूरा ध्यान रखना पड़ता है। पानी की कमी से रक्तचाप और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, इसलिए बिना चिकित्सीय परामर्श के व्रत रखने से बचना चाहिए।
एनीमिया और माहवारी के दौरान
खून की कमी यानी एनीमिया, लो ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त महिलाओं को भी उपवास में सावधानी बरतनी जरूरी है। इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द, ऐंठन और कमजोरी के बीच पूरा दिन बिना खाए-पिए रहने से स्वास्थ्य अधिक बिगड़ सकता है। परंपराओं का निर्वहन करते समय अपनी सेहत का ख्याल रखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

