प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। लखनऊ जोनल कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों का बुक वैल्यू 426.46 करोड़ रुपये है, जबकि इनका अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।

यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामलों की जांच के दौरान की गई है। इस जांच का मुख्य दायरा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और अन्य से जुड़े मामलों पर केंद्रित है।
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़ी जानकारी
यह विश्वविद्यालय रामपुर के सिंघमखेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित है और इसका संचालन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के माध्यम से किया जाता है। एजेंसी के अनुसार, इस ट्रस्ट की स्थापना आजम खान द्वारा की गई थी, जो इस यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर के पद पर हैं। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि इस मामले की शुरुआत रामपुर के अज़ीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 एफआईआर से हुई थी, जिनमें किसानों की कृषि भूमि को जबरन अधिग्रहण करने के आरोप लगाए गए थे।

धन के दुरुपयोग और अवैध कब्जे के आरोप
जिला प्रशासन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जांच में शत्रु संपत्ति से जुड़े भूखंडों पर अवैध कब्जे के आरोप भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, सरकारी निर्माण परियोजनाओं के लिए आवंटित धन को कथित तौर पर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में डायवर्ट किए जाने की बात भी सामने आई है। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी अनुबंध हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों ने चंदे के रूप में ट्रस्ट को धन ट्रांसफर किया था।
जांच के दायरे में यह बात भी आई है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए निर्धारित निर्माण सामग्री का इस्तेमाल विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया था। हालांकि, यह सभी आरोप और संपत्तियों की यह कुर्की एक अनंतिम प्रक्रिया का हिस्सा है, और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के परिणामों पर निर्भर करेगा।

