कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने नई दिल्ली में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले चक्रवाती तूफान से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए ताकि संभावित आपदा से पहले सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक ने समिति को अवगत कराया कि बंगाल की खाड़ी का गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का रूप ले चुका है। यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह एक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करेगा, जिसके दौरान हवा की गति बहुत अधिक रहने की संभावना है।
राज्यों और सुरक्षा बलों की तैयारियां
बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्य सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने चक्रवात के संभावित मार्ग पर आने वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित करने और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के व्यापक प्रबंध किए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है।
इसके साथ ही, सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के बचाव दल तथा नौकाओं व विमानों को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। तटरक्षक बल द्वारा पहले ही बड़ी संख्या में जहाजों को सुरक्षित बंदरगाहों तक पहुँचाया जा चुका है। मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं और जो लोग पहले से बाहर हैं, वे तुरंत तट पर लौट आएँ।

अधिकारियों के निर्देश और चेतावनी
कैबिनेट सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य जान-माल के नुकसान को पूरी तरह रोकना और संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को कम से कम क्षति पहुँचाना है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों को भी पूरी तरह सतर्क रखा जाए।
गृह मंत्रालय और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग लगातार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

