टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लाखों लोगों के लिए हृदय रोग स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। हालिया वैज्ञानिक शोध में यह सामने आया है कि ‘सोटाग्लाइफ्लोजिन’ (Sotagliflozin) नामक दवा दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में कैसे मदद करती है। इस दवा के फायदों ने चिकित्सा जगत का ध्यान आकर्षित किया है।

खून के थक्कों को रोकने की क्षमता
शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला के परीक्षणों में पाया कि यह दवा अत्यधिक प्लेटलेट सक्रियण को रोकने में सहायता करती है। प्लेटलेट सक्रियण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे खतरनाक रक्त के थक्के बन सकते हैं, जो हृदय और मस्तिष्क तक रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकते हैं। यह शोध ‘जर्नल ऑफ क्लेरिकल इन्वेस्टिगेशन’ में प्रकाशित हुआ है, जो रक्त शर्करा नियंत्रण से आगे बढ़कर इसके हृदय संबंधी लाभों को उजागर करता है।
अन्य दवाओं से किस प्रकार है अलग
सोटाग्लाइफ्लोजिन ‘सोडियम-ग्लोकोज कोट्रांसपोर्टर’ (SGLT) अवरोधकों की श्रेणी में आती है। पारंपरिक SGLT2 अवरोधकों के विपरीत, जो मुख्य रूप से गुर्दे पर काम करते हैं, यह दवा गुर्दे में SGLT2 और अन्य अंगों में SGLT1 दोनों प्रोटीनों को लक्षित करती है। चूहों पर किए गए परीक्षणों में देखा गया कि इस दवा ने रक्त वाहिकाओं में थक्के बनने की प्रक्रिया को लगभग 60 प्रतिशत तक कम कर दिया।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दवा जीवन के लिए खतरनाक रक्त के थक्कों के जोखिम को कम करने में एक नया कदम साबित हो सकती है। वर्तमान में यह दवा वयस्क हृदय रोगियों और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए अनुमोदित है। शोधकर्ता भविष्य में क्रोनिक किडनी रोग और एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी अन्य स्थितियों पर इसके प्रभावों का मूल्यांकन करने की योजना बना रहे हैं।

