हैदराबाद में पुलिस ने एक बड़े अवैध मानव एग डोनेशन और कलेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो विभिन्न राज्यों से महिलाओं को लाकर अवैध रूप से उनके एग्स एकत्र कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क विभिन्न इलाकों में सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें कई राज्यों की गरीब महिलाओं को निशाना बनाया गया था।

कैसे चलता था यह अवैध रैकेट?
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपियों द्वारा विभिन्न राज्यों की महिलाओं को पैसों का लालच देकर हैदराबाद बुलाया जाता था। इन महिलाओं को विशेष रूप से बनाए गए कमरों और हॉस्टलों में ठहराया जाता था। प्रत्येक एग के बदले इन महिलाओं को 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक देने का वादा किया जाता था। पीड़िताओं को नियमित रूप से हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते थे ताकि प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। इसके बाद, मध्यस्थों और एजेंटों के माध्यम से इन एग्स को विभिन्न कॉर्पोरेट अस्पतालों और फर्टिलिटी सेंटर्स को बहुत ऊंची कीमतों पर बेचा जाता था, जहाँ आरोपियों द्वारा प्रति एग भारी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस की छापेमारी और आगे की कार्रवाई
विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की। बेगमपेट प्रकाश नगर और सरूरनगर सहित अन्य इलाकों में की गई इन रेड्स के दौरान पुलिस ने मौके से कई महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू की गई महिलाओं को शुरुआती चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया और उसके बाद उन्हें सुरक्षित आश्रय गृहों में भेज दिया गया। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क के तार किन-किन अस्पतालों और अन्य शहरों तक जुड़े हुए हैं ताकि इस रैकेट में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

