राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन (NBA) सत्यापन के लिए आया तीन दिवसीय विशेष दौरा रविवार को एग्जिट मीटिंग के साथ संपन्न हो गया। इस प्रक्रिया के दौरान विशेषज्ञ टीम ने संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रयोगशालाओं, अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का जायजा लिया। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संस्थान में शैक्षणिक गुणवत्ता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत करना है।

विशेषज्ञ टीम का स्वागत और विस्तृत प्रस्तुतियां
दौरे की शुरुआत में संस्थान के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने विशेषज्ञ टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमिले इस्लाम और एनबीए नोडल ऑफिसर प्रो. लौकुश कुमार ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों, आधारभूत संरचना और विभागीय कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस विशेषज्ञ टीम में एक चेयरमैन और एक ब्रांच एक्सपर्ट शामिल रहे, जिन्होंने संस्थान की विभिन्न समितियों से संबंधित अभिलेखों और फाइलों का बारीकी से अवलोकन किया और समिति के सदस्यों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
संकाय सदस्यों की सक्रिय भूमिका और सहयोग
इस संपूर्ण सत्यापन प्रक्रिया को सफल बनाने में सिविल इंजीनियरिंग विभाग और अन्य विभागों के संकाय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय समन्वयक प्रो. प्राची रॉय ने आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अपना योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, प्रथम वर्ष के संकाय सदस्यों और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे पूरी प्रक्रिया का संचालन सुचारू रूप से हो सका।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कौशल विकास के उद्देश्य
निरीक्षण के दौरान संस्थान में आईआईटी पटना के सहयोग से स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी भी विशेषज्ञ टीम को दी गई। केंद्र के कोऑर्डिनेटर और सह-कोऑर्डिनेटर ने इसकी स्थापना के उद्देश्य, कार्ययोजना, उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास से जुड़े एजेंडे का विस्तृत प्रस्तुति दी। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उभरती हुई तकनीकों में व्यावहारिक और उद्योगोन्मुखी ज्ञान प्रदान करना है।
एग्जिट मीटिंग और भविष्य की प्रतिबद्धता
रविवार को आयोजित एग्जिट मीटिंग इस सत्यापन प्रक्रिया का अंतिम चरण रही, जिसमें विशेषज्ञ टीम और संस्थान के प्रतिनिधियों के बीच निरीक्षण के दौरान सामने आए प्रमुख अवलोकनों और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, समन्वयकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। संस्थान ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है ताकि भविष्य में भी निरंतर संस्थागत सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

