दिवाली पर हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

दिवाली पर हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू उड़ानों के किरायों में भारी वृद्धि से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत के इस रुख के बाद अब इस मामले की नियमित सुनवाई तय तारीख पर ही होने की उम्मीद है। याचिका में त्योहारी और साल के अंत के सीजन के दौरान उड़ानों के किरायों की अधिकतम सीमा तय करने के लिए सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

दिवाली पर हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

न्यायालय के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी कि त्योहारों के समय विमान यात्रा का किराया सामान्य दिनों की तुलना में सात गुना तक बढ़ जाता है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि रेलवे के फ्लेक्सीफेयर, आवश्यक दवाओं के दाम और बिजली दरों की तरह विमान सेवाओं के लिए भी नियमन होना चाहिए, क्योंकि हवाई यात्रा भी एक जरूरी सेवा के दायरे में आती है।

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ मना करते हुए तंज भरे लहजे में कहा कि हवाई यात्रा न करें। यह याचिका एक जनहित याचिका के तहत दायर की गई है, जिसमें एल्गोरिदम पर आधारित डायनेमिक प्राइसिंग और कम समय में अचानक टिकट के दाम बढ़ाने जैसी प्रथाओं को चुनौती दी गई है। इस याचिका पर मुख्य रूप से आगे की सुनवाई निर्धारित की गई है, जिसमें विमान किरायों और अतिरिक्त शुल्कों पर विनियामक नियंत्रण की मांग उठाई गई है।

याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि त्योहारों या आपात स्थिति में घर जाने वाले यात्रियों के पास महंगे टिकट खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। विमानन कंपनियां ईंधन लागत का हवाला देकर मनमाने दाम वसूलती हैं, जबकि एक ही मार्ग पर अलग-अलग समय की उड़ानों के किराए में भारी अंतर देखने को मिलता है। अदालत में दाखिल इस याचिका पर आगामी तारीखों में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।

Anju Kunwar

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