महादेव ऐप घोटाला: अधिकारियों की पहचान के लिए सौरभ चंद्राकर की कस्टडी जरूरी, सीबीआई का दावा

महादेव ऐप घोटाला: अधिकारियों की पहचान के लिए सौरभ चंद्राकर की कस्टडी जरूरी, सीबीआई का दावा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कहा है कि बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर की हिरासत उन लोक सेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान करने के लिए जरूरी है, जिन्हें सिंडिकेट चलाने में मदद करने के एवज में कथित तौर पर सुरक्षा शुल्क या रिश्वत मिली थी। रायपुर की एक विशेष अदालत ने ओमान से प्रत्यर्पित किए गए आरोपी को पूछताछ के लिए एजेंसी को आठ दिन की रिमांड पर सौंप दिया है।

महादेव ऐप घोटाला: अधिकारियों की पहचान के लिए सौरभ चंद्राकर की कस्टडी जरूरी, सीबीआई का दावा

अदालत में पेश की गई रिमांड रिपोर्ट

अदालत में दाखिल किए गए रिमांड आवेदन के अनुसार, एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मुख्य प्रमोटरों और सहयोगियों ने पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को भारी रकम नियमित रूप से भुगतान करके उनका संरक्षण हासिल किया था। इस अवैध धन के लेन-देन और वितरण के लिए हवाला ऑपरेटरों का उपयोग किया गया था। साथ ही, पुलिसकर्मियों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया था ताकि सुरक्षा के नाम पर मिलने वाली राशि को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके।

फर्जी खातों और अवैध कमाई का नेटवर्क

जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, मुख्य प्रमोटरों ने पैनल और शाखा ऑपरेटरों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन किया। अवैध कमाई का अधिकांश हिस्सा प्रमोटरों द्वारा अपने पास रखा जाता था, जबकि शेष राशि अन्य ऑपरेटरों में बांटी जाती थी। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए थे, ताकि अवैध लेनदेन को सुचारू रूप से चलाया जा सके। इसके अलावा, अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा विज्ञापनों और बड़े आयोजनों पर भी खर्च किया गया था।

आगे की कानूनी कार्रवाई

सीबीआई इस मामले में अवैध रूप से अर्जित धन के मार्ग, विदेशों में पैसे भेजने के रास्तों और इस घोटाले से बनाई गई संपत्तियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरोपी को ओमान से लाए जाने के बाद रायपुर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया। इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य स्तर की एजेंसियां भी मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों की जांच कर रही हैं।

Anju Kunwar

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