दीपावली पर उत्तर भारत में क्यों और कैसे बिगड़ सकती है हवा की सेहत, जानिए मौसम का हाल

दीपावली पर उत्तर भारत में क्यों और कैसे बिगड़ सकती है हवा की सेहत, जानिए मौसम का हाल

दीपावली के अवसर पर उत्तर भारत के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण का स्तर अत्यधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार आबोहवा के बिगड़ने के पीछे केवल पटाखों का धुआं ही मुख्य वजह नहीं होगा, बल्कि मौसमी बदलाव भी इसमें बड़ी भूमिका निभाएंगे। हवा की सुस्त रफ्तार और प्रदूषक तत्वों के फैलाव में रुकावट के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बन सकती है।

दीपावली पर उत्तर भारत में क्यों और कैसे बिगड़ सकती है हवा की सेहत, जानिए मौसम का हाल

मौसम का मिजाज और हवा की सुस्त रफ्तार

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं के आपस में टकराने के आसार हैं। इस बदलाव के कारण हवा की गति धीमी हो सकती है, जिससे वातावरण में मौजूद धूल और धुएं के कण लंबे समय तक टिके रह सकते हैं। कम हवा की गति और वेंटिलेशन इंडेक्स में गिरावट के चलते प्रदूषक तत्वों का बिखराव बेहद धीमा हो जाता है, जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार खतरनाक श्रेणी में बनी रहती है।

वातावरण में पहले से मौजूद प्रदूषण

क्षेत्र में पराली जलाने, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों की धूल, कचरा जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन के कारण प्रदूषण पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है। ऐसे में त्योहार के दौरान निकलने वाला अतिरिक्त धुआं स्थिति को और बिगाड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई मैदानी इलाकों में सुबह के समय वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत अधिक दर्ज किया जा रहा है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम बने रहने के आसार हैं और फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, पर्व के तुरंत बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके प्रभाव से पर्वतीय राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश तथा बर्फबारी हो सकती है। लेकिन मैदानी इलाकों को अभी साफ हवा के लिए बारिश का इंतजार करना पड़ सकता है।

Anju Kunwar

Learn More →