भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अपने इस फैसले के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में अपने 13 साल के सफर पर पूर्ण विराम लगा दिया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भी 6 नवंबर के दिन ही की थी और ठीक इसी तारीख को उन्होंने अपने इस सफर को समाप्त करने का निर्णय लिया।

सफेद गेंद के क्रिकेट में जारी रहेगा सफर
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में 35 वर्षीय गेंदबाज ने स्पष्ट किया कि वह आगे भी सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू प्रतियोगिताओं या आईपीएल जैसे मुकाबलों में वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। शमी ने टेस्ट क्रिकेट को सिर्फ एक प्रारूप से बढ़कर बताते हुए कहा कि खेल के इस सफर में हर एक विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें जीवन के बहुमूल्य सबक सिखाए हैं।
सहयोगियों और प्रशंसकों का जताया आभार
अपने विदाई संदेश में उन्होंने अपने साथियों, कोचों, परिवार के सदस्यों और देश के उन तमाम समर्थकों का दिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने अच्छे और बुरे दोनों दौर में उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके अलावा उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी प्रतिभा पर विश्वास जताते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए।
शानदार रहा टेस्ट करियर
अपने टेस्ट करियर के दौरान इस तेज गेंदबाज ने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैचों में शिरकत की। इन मुकाबलों की 122 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 27.71 की औसत और 3.30 की इकॉनमी रेट से कुल 229 विकेट अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 56 रन देकर 6 विकेट लेना रहा। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में 12 बार चार विकेट और 6 बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उनका आखिरी टेस्ट मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला था।

