दीपावली का त्योहार अपने साथ खुशियां, रोशनी और मिठाइयां लेकर आता है, लेकिन घर में छोटे बच्चे होने पर जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं। उत्सव की तैयारियों और सजावट के बीच कई बार माता-पिता का ध्यान बच्चों से हट जाता है, जिससे अनजाने में किसी दुर्घटना का खतरा बन सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि त्योहारी माहौल में बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।

जलते दीए और मोमबत्तियों को अकेला न छोड़ें
घर को रोशन करने के लिए दीए और मोमबत्ती जलाना आम बात है, लेकिन यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं तो इन्हें कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें। चमक-दमक देखकर बच्चे इनकी तरफ आकर्षित होते हैं और इन्हें छूने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है।
तेज आवाज वाले पटाखों से बनाएं दूरी
छोटे बच्चों के सामने तेज आवाज वाले पटाखे जलाने से पूरी तरह बचना चाहिए। इनकी तेज आवाज से बच्चों की नींद खराब होने के साथ-साथ उनके कानों और सुनने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ सकता है। यदि पटाखे जलाने ही हों, तो कम आवाज वाले विकल्पों को ही चुनें।
उत्सव के बीच बच्चे को अकेला न छोड़ें
त्योहार के दिन मेहमानों के आने-जाने और कामकाज में व्यस्तता के कारण अक्सर बच्चों पर से ध्यान कम हो जाता है। जलते दीए, बिजली की सजावट और पटाखों के बीच बच्चों को अकेला छोड़ना खतरनाक हो सकता है। यदि आप व्यस्त हैं, तो बच्चे की जिम्मेदारी किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सौंप दें।
अत्यधिक भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
दिवाली पर पार्टियों और मेल-जोल का दौर चलता है, लेकिन बहुत छोटे बच्चों को अत्यधिक शोर-शराबे और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचना चाहिए। तेज आवाज, रोशनी और अनजान लोगों की भीड़ से टॉडलर्स असहज या चिड़चिड़े हो सकते हैं।
आसानी से आग पकड़ने वाले कपड़े पहनाने से बचें
त्योहार पर बच्चों को सिंथेटिक कपड़ों की बजाय आरामदायक और सूती वस्त्र पहनाएं। सिंथेटिक कपड़े देखने में आकर्षक भले लगें, लेकिन वे जल्दी आग पकड़ते हैं और बच्चों के लिए असहज भी हो सकते हैं।

