उत्तराखंड के इन चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित

उत्तराखंड के इन चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित

उत्तराखंड राज्य में मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर बड़े कदम उठाए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनी के बाद, उत्तराखंड के चार प्रमुख जिलों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इन जिलों में लगातार खराब हो रहे मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासनों ने एक दिन का अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।

उत्तराखंड के इन चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित

किन जिलों में बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

आधिकारिक आदेशों के अनुसार, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन चार जिलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा। प्रशासन ने आदेश का पूरी सख्ती से पालन कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

मौसम विभाग का भारी बारिश और रेड अलर्ट

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 25 सितंबर को एक महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया गया था। इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, कुछ चुनिंदा स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। विशेष रूप से नैनीताल और बागेश्वर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते वहां की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से सतर्क हो गई है।

उत्तराखंड के इन चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित

विद्यार्थियों और नागरिकों के लिए प्रशासन की अपील

मौसम के इस खतरनाक तेवर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता, अभिभावकों और विद्यार्थियों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और विशेष तौर पर संवेदनशील तथा जोखिम भरे पर्वतीय क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है, और यदि मौसम की स्थिति में कोई अन्य बदलाव आता है या किसी अन्य जिले से छुट्टी की सूचना आती है, तो उसे समय पर अपडेट किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है ताकि किसी भी अनहोनी या दुर्घटना से बचा जा सके।

Anju Kunwar

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