मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून के जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर बंद की गई शिकायतों की मौके पर जाकर स्थलीय जांच की जाए, ताकि यह पता चल सके कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं।

विकासखंड डोईवाला के वार्ड संख्या 9, रेशम माजरी में सड़क के गड्ढों से जुड़ी एक शिकायत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की सख्ती बढ़ गई है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुछ महीने पहले मरम्मत होने के बावजूद सड़क पर गड्ढे मौजूद थे और उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। स्थानीय ग्रामीणों ने बरसात के दिनों में जलभराव की आशंका भी जताई थी, लेकिन इसके बावजूद शिकायत को बिना पुख्ता समाधान के बंद कर दिया गया था।
अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस और जांच के आदेश
बिना समाधान के शिकायत को बलपूर्वक बंद किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को संबंधित सड़क की स्थिति और पूर्व में किए गए कार्यों की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वास्तविक समाधान पर जोर
प्रशासन का कहना है कि केवल पोर्टल पर स्टेटस बदलकर शिकायत बंद कर देना काफी नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या का जमीनी स्तर पर समाधान होना जरूरी है। भविष्य में इस तरह की लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता की परेशानियों का सही समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके।

