मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेन्द्र पटेल ने हिंदू समुदाय के लिए एक नया बयान देते हुए कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की वकालत की है। उन्होंने ‘हम दो, हमारे पांच’ का नारा देते हुए कहा कि यदि जनसांख्यिकीय संतुलन इसी प्रकार बदलता रहा, तो भविष्य में समुदाय को आबादी से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

बड़वानी स्थित कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान आयोजित एक बैठक में बोलते हुए सांसद ने यह बात कही। इस बैठक में कई अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सांसद ने दावा किया कि अन्य समुदायों की तुलना में हिंदुओं की जन्म दर कम है, इसलिए युवाओं को सही उम्र में विवाह करके अपने परिवार का विस्तार करना चाहिए।
पारंपरिक अखाड़ों और आत्मरक्षा पर जोर
सांसद गजेन्द्र पटेल ने केवल जनसंख्या वृद्धि पर ही नहीं, बल्कि युवाओं की जीवनशैली और सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में आधुनिक जिम तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि पारंपरिक अखाड़े घट रहे हैं। युवाओं को जिम जाने के बजाय योग और पारंपरिक अखाड़ों में प्रशिक्षण लेना चाहिए क्योंकि अखाड़े शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ अनुशासन और संघर्ष करने की क्षमता भी सिखाते हैं।
आत्मरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के चित्रों में भी एक हाथ में आशीर्वाद और दूसरे हाथ में हथियार दर्शाए जाते हैं। कानून के दायरे में रहकर आत्मरक्षा का अधिकार देश, समाज और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
समाज में तीन ‘डी’ से दूर रहने की अपील
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने समाज में फैली कुछ कुप्रथाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने दहेज, डीजे और ड्रिंक (शराब) को समाज के लिए तीन ‘डी’ बताया और इनसे बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में उत्साह का स्वागत है, लेकिन शालीनता और मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

