महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने राज्य में टेस्ला इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी को मिलने वाली कर छूट की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। सरकार का यह कदम सोशल मीडिया पर आई एक हालिया टिप्पणी के बाद सामने आया है, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

कर छूट और नीतिगत समीक्षा के निर्देश
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यावसायिक हित से ऊपर देश का सम्मान और राष्ट्रीय गौरव सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली शून्य प्रतिशत रोड टैक्स छूट की समीक्षा करते समय स्थापित नीतियों, कानूनी प्रावधानों और राज्य के हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय हितों को भी ध्यान में रखा जाना आवश्यक है। हालांकि, अधिकारी स्तर पर यह भी साफ किया गया है कि फिलहाल इन रियायतों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
हरित परिवहन को लेकर प्रतिबद्धता
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार करने, चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने और हरित परिवहन बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि ईको-फ्रेंडली तकनीक को बढ़ावा देना और देश के नेतृत्व का सम्मान करना दोनों ही बातें महत्वपूर्ण हैं।
बाजार और बिक्री के आंकड़े
वैश्विक स्तर पर मशहूर इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के लिए महाराष्ट्र एक महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में कुल 226 टेस्ला वाहन बिके थे, जिनमें से अकेले महाराष्ट्र में 140 वाहन बिके, जो कुल बिक्री का लगभग 62 प्रतिशत था। इसके अलावा, चालू वर्ष में अब तक देश भर में 826 टेस्ला वाहनों का पंजीकरण हुआ है, जिसमें से 282 वाहन महाराष्ट्र से संबंधित हैं।

