नौकरी के लिए आवेदन करते समय या इंटरव्यू की प्रक्रिया में कई बार उम्मीदवार ऐसी भाषा का प्रयोग कर देते हैं जो पूरी तरह कृत्रिम या एआई-जनरेटेड लगती है। हाल ही में सामने आए अनुभवों के अनुसार, एचआर प्रोफेशनल्स और रिक्रूटर्स आसानी से समझ जाते हैं कि कौन सा बायोडाटा या कवर लेटर मानव निर्मित है और कौन सा किसी तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। इसलिए उम्मीदवारों को अपने आवेदन में मौलिकता बनाए रखनी चाहिए और कृत्रिम पैटर्न्स से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

एप्लीकेशन में कैसे पहचानें जाते हैं एआई के संकेत
शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के अनुसार, लिखित सामग्री में कुछ ऐसे छोटे भाषाई संकेत होते हैं जिन्हें ‘टेल्स’ कहा जाता है। ये संकेत बताते हैं कि कंटेंट किस तरह तैयार किया गया है। जब कोई व्यक्ति अपने सीवी या कवर लेटर में बार-बार एक जैसे विशेष वाक्यांशों या शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह संदेह पैदा कर सकता है। हालांकि ये केवल चेतावनी संकेत होते हैं और पुख्ता सबूत नहीं, लेकिन एचआर विशेषज्ञ इन्हें तुरंत भांप लेते हैं।

एचआर प्रोफेशनल्स किन पांच बातों पर ध्यान देते हैं
- बिना व्यक्तिगत पहचान वाली सामान्य भाषा: आवेदन ऐसा लग सकता है कि इसे किसी के भी द्वारा लिखा गया हो, जिसमें कोई व्यक्तिगत शैली या पहचान नजर नहीं आती।
- ठोस सबूत के बिना बड़े दावे: उम्मीदवार खुद को अत्यधिक कुशल या इनोवेटिव बताते हैं, लेकिन अपने दावों के समर्थन में किसी वास्तविक उपलब्धि या उदाहरण का जिक्र नहीं करते।
- जरूरत से ज्यादा सजी-संवरी शैली: हर पैराग्राफ एक निश्चित सांचे में ढला होता है और कॉर्पोरेट जगत के सामान्य शब्दों से भरा होता है, जिससे वह किसी टेम्पलेट जैसा प्रतीत होता है।
- जॉब डिस्क्रिप्शन से पूरी तरह मेल खाना: विज्ञापन में दिए गए की-वर्ड्स को बार-बार दोहराया जाता है, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि वास्तविक अनुभव उन योग्यताओं से कैसे मेल खाता है।
- अन्य दस्तावेजों से भिन्नता: कवर लेटर की भाषा और शैली का सीवी या अन्य लिखित नमूनों की शैली से मेल न खाना एचआर का ध्यान आकर्षित करता है।
मौलिकता और वास्तविक अनुभवों पर दें जोर
भर्ती प्रक्रिया के दौरान हमेशा यह सलाह दी जाती है कि इंटरव्यूअर को प्रभावित करने के लिए रटे-रटाए बयानों या बनावटी वाक्यों का सहारा न लिया जाए। इसके बजाय अपने पेशेवर सफर के वास्तविक अनुभवों को सरल और अपने शब्दों में साझा करना चाहिए। भले ही मौलिक जवाब पूरी तरह से अचूक न हों, लेकिन वे सच्चाई और प्रामाणिकता को दर्शाते हैं, जिन्हें एचआर टीम अधिक महत्व देती है।

