पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में एक निजी स्कूल की छत ढहने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 34 बच्चों और एक शिक्षक समेत कुल 35 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के मालिकों, शेयरधारकों और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का भी गठन किया है।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
पेशावर के आगा मीर जानी शाह पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, यह हादसा दिर कॉलोनी में स्थित अल-खैर एजुकेशन सिस्टम नामक निजी स्कूल में हुआ। एफआईआर में स्कूल के मालिकों, शेयरधारकों और भवन का निर्माण करने वाले ठेकेदार को नामजद किया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण कार्य में कथित तौर पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और स्कूल प्रशासन ने दीवारों तथा छतों की खस्ता हालत को लेकर छात्रों की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी नामजद लोगों की तलाश जारी है।
उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन
प्रांत के मुख्य सचिव ने हादसे की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति इमारत की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेगी। इसके अलावा, प्रांतीय सरकार ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा का आकलन करने के वास्ते एक नई व्यवस्था बनाने की भी घोषणा की है।
मुआवजा और सुरक्षा चिंताएं
प्रशासन ने इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है, जबकि घायल हुए प्रत्येक छात्र को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। देश में सुरक्षा मानकों की कमी और निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण इमारतों और छतों के ढहने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

