तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के विवाद पर निर्वाचन आयोग की अहम बैठक 30 अक्टूबर को

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के विवाद पर निर्वाचन आयोग की अहम बैठक 30 अक्टूबर को

निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों आमने-सामने खड़े गुटों को आगामी 30 अक्टूबर को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब किया है। पश्चिम बंगाल में हुए उपचुनावों के समय पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने के पश्चात यह पहली अधिकृत बैठक होगी। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के मध्य सिंबल और सांगठनिक अधिकार के मसले पर इस तय तिथि को विस्तृत चर्चा की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि संगठन पर असली हक किसका है।

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के विवाद पर निर्वाचन आयोग की अहम बैठक 30 अक्टूबर को

सबूतों और दावों की प्रस्तुति के निर्देश

आयोग की ओर से दोनों गुटों को यह हिदायत दी गई है कि वे अपने दावे और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें ताकि पार्टी के वास्तविक उत्तराधिकारी का फैसला किया जा सके। इससे पूर्व 17 सितंबर को निर्वाचन आयोग की तरफ से एक अंतरिम निर्देश जारी किया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों धड़ों की प्रारंभिक बातें सुनने के बाद आयोग ने स्पष्ट किया था कि इस मामले का समाधान चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के नियमों के तहत पूर्ण छानबीन के बाद ही संभव है।

उपचुनाव के दौरान किए गए थे प्रतिबंध

उक्त अंतरिम निर्देश के अंतर्गत पश्चिम बंगाल उपचुनाव के दौरान दोनों ही समूहों द्वारा पार्टी के मूल नाम तृणमूल कांग्रेस तथा उसके प्रतीक चिन्ह फूल और घास का प्रयोग करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई थी। चुनाव मैदान में अपने प्रत्याशी उतारने के उद्देश्य से आयोग ने दोनों पक्षों को अस्थायी तौर पर भिन्न-भिन्न नए नाम और अलग प्रतीक चिन्ह प्रदान किए थे।

Anju Kunwar

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