महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां कर्ज चुकाने के लिए दी जा रही लगातार धमकियों से मानसिक रूप से आहत एक युवक की अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने एक गैर-लाइसेंसशुदा सूदखोर के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाश तेजी से की जा रही है जो घटना के बाद से फरार है।

कब्जे और ब्याज को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डोम्बिवली पूर्व के तिलकनगर पुलिस स्टेशन में आरोपी आबिद सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र मनी-लेंडिंग (रेगुलेशन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित परिवार की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता शम्मु बापुमिया पिंजारी ने बताया कि मई 2025 में उनके परिवार ने आरोपी से 18,000 रुपये का कर्ज लिया था, जिसे 40 दिनों तक हर दिन 300 रुपये के हिसाब से चुकाना था।
परिवार ने कुल 7,500 रुपये नकद किस्तों के रूप में चुका दिए थे, इसके बावजूद आरोपी ब्याज और बकाया रकम को लेकर लगातार दबाव बना रहा था। आरोप है कि 8 अक्टूबर को आरोपी ने पीड़ित के घर पहुंचकर उनके बेटे को धमकाया और तुरंत 20,500 रुपये चुकाने की मांग की।
गंभीर धमकियों से हुआ था गहरा मानसिक आघात
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पीड़ित युवक को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। आरोपी ने चेतावनी दी थी कि यदि दो दिनों के भीतर पैसे नहीं दिए गए, तो उसके नाखून उखाड़ दिए जाएंगे और उंगलियां काट दी जाएंगी। इन क्रूर धमकियों के कारण युवक को गहरा मानसिक आघात पहुंचा और उसकी तबीयत बिगड़ गई।
परिवार के सदस्यों ने उसे इलाज के लिए मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 13 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद से आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

