हेल्दी एजिंग के लिए संतुलित आहार से क्यों बेहतर है एक स्वस्थ जीवनशैली

हेल्दी एजिंग के लिए संतुलित आहार से क्यों बेहतर है एक स्वस्थ जीवनशैली

खानपान की आदतों और उम्र के साथ सेहतमंद रहने को लेकर हाल ही में एक नया कॉलम सामने आया है, जिसमें सेलिब्रिटी खानपान और संतुलित आहार पर चर्चा की गई है। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि खानपान में विविधता और सही पोषण का होना लंबी और स्वस्थ आयु के लिए बेहद जरूरी है।

हेल्दी एजिंग के लिए संतुलित आहार से क्यों बेहतर है एक स्वस्थ जीवनशैली

संतुलित आहार और पोषक तत्वों की भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, कोई एक विशेष सब्जी या खाद्य पदार्थ संपूर्ण संतुलित आहार नहीं हो सकता। एक सही मील में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट का होना आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक स्वस्थ आहार पर्याप्त पोषण, संतुलन, सीमित मात्रा और विविधता पर आधारित होता है। अपनी दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुसार कैलोरी का सेवन करना और विभिन्न खाद्य समूहों को अपनी थाली में शामिल करना ही सही तरीका है।

भोजन में विविधता क्यों है आवश्यक

अक्सर लोग एक ही तरह के पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे आहार की विविधता सीमित हो जाती है। केवल प्रोटीन पर अत्यधिक जोर देने से साबुत अनाज, फल, दालें और नट्स जैसे अन्य जरूरी पोषक तत्व पीछे छूट सकते हैं। इन चीजों से मिलने वाला फाइबर पाचन और कार्डियो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा, इनमें विभिन्न प्रकार के विटामिन, मिनरल और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं जो पुरानी बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।

हेल्दी एजिंग के लिए संतुलित आहार से क्यों बेहतर है एक स्वस्थ जीवनशैली

रंग-बिरंगी सब्जियों और पारंपरिक आदतों का महत्व

विशेषज्ञों का सुझाव है कि अपनी खाने की थाली को रंग-बिरंगी सब्जियों से सजाना चाहिए। गाजर, शकरकंद, शिमला मिर्च, टमाटर और ब्रोकोली जैसी सब्जियों को पक्का या अर्ध-पक्का करके खाने से शरीर में कैल्शियम, आयरन और अन्य जरूरी तत्व आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। यदि खानपान के ये वैज्ञानिक नियम उलझन पैदा करते हैं, तो अपने लंबे समय तक जीने वाले पूर्वजों की खानपान की आदतों को अपनाया जा सकता है, जो फल और सब्जियों पर आधारित होती थीं।

Anju Kunwar

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