गुलामी पर माफी में उपनिवेशवाद का जिक्र न होने पर शशि थरूर ने ब्रिटेन की आलोचना की

गुलामी पर माफी में उपनिवेशवाद का जिक्र न होने पर शशि थरूर ने ब्रिटेन की आलोचना की

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की हालिया घोषणा पर आपत्ति जताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। बर्नहम द्वारा ट्रांस-अटलांटिक दास व्यापार में ब्रिटेन की भूमिका के लिए औपचारिक माफी मांगने पर विचार किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें ब्रिटेन के औपनिवेशिक अतीत का कोई उल्लेख नहीं किया गया। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई है कि इस माफी में उपनिवेशवाद को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।

गुलामी पर माफी में उपनिवेशवाद का जिक्र न होने पर शशि थरूर ने ब्रिटेन की आलोचना की

औपनिवेशिक अतीत और माफी का दायरा

प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अफ्रीकी और कैरेबियन देशों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत दास व्यापार में देश की भागीदारी के लिए माफी पर विचार करने की बात कही थी। इस सिलसिले में उनका एक लेख भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कॉमनवेल्थ के भविष्य को सुरक्षित रखने के वास्ते ब्रिटेन के जटिल इतिहास का सामना करने की बात कही थी। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में औपनिवेशिक शासन के दौरान हुए शोषण और कष्टों को आधिकारिक रूप से शामिल नहीं किया गया है।

गुलामी पर माफी में उपनिवेशवाद का जिक्र न होने पर शशि थरूर ने ब्रिटेन की आलोचना की

शशि थरूर की तीखी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद शशि थरूर ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई किसी भी राशि से नहीं की जा सकती है, लेकिन इसके लिए नैतिक प्रायश्चित बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बर्नहम का गुलामी के दौर के लिए माफी पर विचार करना एक कदम है, लेकिन इस माफी में उपनिवेशवाद का जिक्र न होना समझ से परे और अक्षम्य है। थरूर ने इस बात पर भी जोर दिया कि अपने औपनिवेशिक शासन के समय हुई तबाही, लूटपाट और हत्याओं के लिए ब्रिटेन ने कभी भी आधिकारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है, जिसे उन्होंने बेहद शर्मनाक करार दिया है।

Anju Kunwar

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