कारों में ग्रीन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कम होगी डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता

ऑटोमोबाइल मार्केट अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड की ओर काफी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ये Green Technologies प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगा। वाहन निर्माता कंपनी अपनी कारों में सभी प्रकार के पावरट्रेन को इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। जो E20 ईंधन पेट्रोल की तुलना में PM2.5 उत्सर्जन को भी 14 प्रतिशत तक कम कर देगा।

Toyota Kirloskar Motor के एक वरिष्ठ कार्यकारी के अनुसार ऑटोमोबाइल मार्केट अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड की ओर काफी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ये प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगा। वाहन निर्माता कंपनी अपनी कारों में सभी प्रकार के पावरट्रेन को इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। ताकि ग्राहकों के पास नए रूप से कई ऑप्शन मौजूद हो सकें। अभी पेट्रोल डीजल वाली कारों से हाइब्रिड और ईवी पर आने के लिए हमें एक अच्छी श्रृंखला जनता को प्रदान कराना होगा।

इथेनॉल मिश्रण मार्च 2023 में 11.5 प्रतिशत तक हो गया

कंपनी का लक्ष्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप ही है। हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स -फ्यूव को कई ऑप्शन के साथ पेश करना है। आपको बता दें, टोयोटा अपने प्रोडक्शन केंद्रो को और बढ़िया बनाने के लिए निवेश की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण 2013-14 में 1.53 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2023 में 11.5 प्रतिशत तक हो गया है। जिसके कारण तेल आयात बिल को 41,500 करोड़ रुपये कम करने में मदद मिली है।

35,000 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है

इसके अलावा, 2020-21 में, इथेनॉल मिश्रण से 26 मिलियन बैरल पेट्रोल की कटौती संभव हुई, जिसके कारण 10,000 करोड़ रुपये की बचत हुई। वहीं अप्रैल 2025 तक E20 (पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण) के कारण भारत को अपने तेल आयात बिल में सालाना 35,000 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। जो E20 ईंधन पेट्रोल की तुलना में PM2.5 उत्सर्जन को भी 14 प्रतिशत तक कम कर देगा।

हाल के दिनों में टोयोटा मोटर्स ने इंडोनेशिया में चल रहे Gaikindo Indonesia International Auto Show में अपनी फ्लैगशिप एसयूवी Fortuner का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन को पेश किया था। इसके साथ ही कंपनी का हाइब्रिड कार पर काफी जोर है। Corolla Altis फ्लेक्स-फ्यूल इंजन से लैस है जो पेट्रोल, इथेनॉल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ भी संगत है। इसके सेंट्रल में 1.8-लीटर इथेनॉल तैयार पेट्रोल-हाइब्रिड इंजन है। यह ऐसे ईंधन पर चलने में सक्षम होगा जिसमें 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक इथेनॉल-मिश्रण होगा। फ्लेक्स इंजन 75.3 किलोवाट की पावर और 142 एनएम का पीक टॉर्क जेनरेट कर सकता है।

 

Anju Kunwar

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