झारखंड राज्य बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने हाल ही में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न अदालतों में वकीलों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों और उनकी प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में वकीलों के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया, जिस पर शासन स्तर से ध्यान देने का आग्रह किया गया है।

न्यायालयों में आधारभूत संरचनाओं का विकास
मुलाकात के दौरान बार काउंसिल के उपाध्यक्ष ने मुख्य रूप से जिला और अनुमंडल न्यायालयों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि राज्य के जिला न्यायालयों के साथ-साथ अनुमंडल न्यायालयों में भी आधारभूत संरचनाओं को और अधिक मजबूत तथा बेहतर बनाने की आवश्यकता है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में न्यायिक कार्यों और अधिवक्ताओं को अपने रोजमर्रा के दायित्वों के निर्वहन में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बेहतर ढांचागत सुविधाओं के होने से न्यायिक प्रक्रिया में भी सुगमता आएगी।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
बैठक का एक अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्रता से लागू कराना रहा। उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने राज्यपाल के समक्ष यह पुरजोर मांग रखी कि वकीलों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए इस अधिनियम को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए। इस कानून के लागू होने से राज्यभर के अधिवक्ताओं को कार्य करने के दौरान सुरक्षा का एक मजबूत आश्वासन मिलेगा और वे बिना किसी बाधा के न्याय हित में अपने कार्य कर सकेंगे।
राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बार काउंसिल के उपाध्यक्ष द्वारा रखी गई सभी बातों और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। राज्यपाल ने अधिवक्ताओं के कल्याण, उनकी भलाई और उनके अधिकारों के पक्ष में किए जा रहे कार्यों के लिए राजेश कुमार शुक्ल की सराहना की। इस मुलाकात को राज्य के कानूनी ढांचे और वकीलों की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

