उत्तराखंड के चम्पावत जिले के कई इलाकों में पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक व्यापक जागरुकता अभियान का संचालन किया है। इस विशेष पहल के तहत अलग-अलग थानों और पुलिस चौकियों की टीमों ने विभिन्न गांवों तथा क्षेत्रों का दौरा किया, ताकि आम जनता को आधुनिक अपराधों और सुरक्षा उपायों के प्रति पूरी तरह सतर्क किया जा सके। पुलिस का यह प्रयास क्षेत्र के लोगों को विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी और सामाजिक कुरीतियों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

पंचेश्वर और पाटी क्षेत्र में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
चम्पावत जिले के पंचेश्वर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने रौंसाल गांव के ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के तरीके समझाए गए और उन्हें किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। इसी प्रकार, पाटी पुलिस ने देवीधुरा चौकी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। पाटी पुलिस ने न केवल साइबर ठगी के तौर-तरीकों पर चर्चा की, बल्कि समाज में फैल रहे नशे के बुरे प्रभावों, महिलाओं से जुड़े अपराधों तथा सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
लोहाघाट और रीठा साहिब में चला विशेष सतर्कता अभियान
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए लोहाघाट पुलिस ने नेपाल सीमा से लगे हुए संवेदनशील सीमावर्ती गांवों का दौरा किया। इन इलाकों में पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने नागरिकों को आज के समय में तेजी से फैल रहे फेक मैसेज, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, म्यूल अकाउंट और चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर खतरों से आगाह किया। ग्रामीणों को समझाया गया कि इन ऑनलाइन और डिजिटल खतरों से कैसे बचा जा सकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर, रीठा साहिब पुलिस की टीम ने कुलियालगांव में स्थानीय महिलाओं, बच्चों और आम जनता के साथ एक विशेष बैठक की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया और रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे हर वर्ग के लोगों को जागरूक करना है ताकि वे किसी भी प्रकार के अपराध या धोखे का शिकार होने से बच सकें।

