मेटा प्लेटफॉर्म्स द्वारा पेश किया गया नया पर्सनल एआई-एजेंट ‘म्यूज’ तकनीक जगत में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। सितंबर में लॉन्च होने के बाद इस टूल ने शुरुआती डाउनलोड के मामले में कई अन्य लोकप्रिय एआई एप्स को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, भारत में इसके आधिकारिक लॉन्च को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं की गई है।

म्यूज अन्य चैटबॉट्स से कैसे अलग है?
पारंपरिक टेक्स्ट आधारित चैटबॉट्स की तुलना में म्यूज एक एजेंटिक व्यवहार वाला पर्सनल एआई-एजेंट है। यह मल्टी-स्टेप टास्क को संभालने के साथ-साथ बैकग्राउंड में स्वतः काम करता है और उपयोगकर्ताओं की तरफ से डिजिटल सेवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकता है। इसमें विभिन्न सेवाओं के लॉगिन के लिए एक सिक्योर क्रेडेंशियल स्टोर भी दिया गया है, जिससे यह पासवर्ड देखे बिना उनका उपयोग कर सकता है।
गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उन्नत डिजिटल असिस्टेंट के साथ साझा की जाने वाली जानकारी तकनीकी रूप से कंपनी के पास जा सकती है। हालांकि कंपनी का दावा है कि इस डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं किया जाएगा, लेकिन इसका उपयोग एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, सुरक्षा विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यदि किसी सेवा में सेंध लगती है या डिवाइस से समझौता होता है, तो उपयोगकर्ता का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।

संभावित जोखिम और तकनीकी गड़बड़ियां
कुछ शुरुआती उपयोगकर्ताओं और टिप्पणीकारों ने निजी जानकारी के लीक होने की घटनाओं का जिक्र किया है। उदाहरण के लिए, एक मामले में टूल द्वारा किसी सामान की कीमत कम बताने और घर का पता साझा करने जैसी बातें सामने आई थीं, जिसे बाद में सेटिंग्स से जुड़ी उलझनों का परिणाम बताया गया। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस तरह के संवेदनशील तकनीक-आधारित सिस्टम का उपयोग करने से पहले इसकी कार्यप्रणाली और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को अच्छी तरह समझ लेना आवश्यक है।

