पलियाकलां क्षेत्र में धान की फसल की कटाई तेजी से चल रही है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्रों की कमी के कारण किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों को हो रहा है आर्थिक नुकसान
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष महेंद्र सिंह सिद्धू के नेतृत्व में किसानों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पुष्पक को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि स्थानीय मंडी समिति परिसर में तत्काल प्रभाव से एक अतिरिक्त धान खरीद केंद्र स्थापित किया जाए।
यूनियन के अनुसार, क्षेत्र में धान की करीब आधी कटाई पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद पर्याप्त क्रय केंद्र न होने के कारण किसान अपनी उपज सरकारी दरों पर बेचने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। मजबूरन कई किसानों को अपनी फसल कम दामों पर बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें घाटा झेलना पड़ रहा है।
अतिरिक्त केंद्र खुलने से मिलेगी राहत
किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि मंडी समिति के भीतर नया धान खरीद केंद्र शुरू हो जाता है, तो अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। इससे किसान बिना किसी परेशानी के अपनी फसल तयशुदा सरकारी समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे और बिचौलियों के चंगुल से बच सकेंगे। प्रशासन से इस मामले में जल्द उचित कदम उठाने की अपील की गई है ताकि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

