प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम्रपाली समूह की भारी-भरकम संपत्ति को अस्थायी तौर पर कुर्क कर लिया है। जब्त की गई इस अचल संपत्ति का कुल मूल्य 54.71 करोड़ रुपये आंका गया है।

महारानी बाग इलाके में स्थित है संपत्ति
ईडी की लखनऊ जोनल इकाई द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत दिल्ली के पॉश इलाके महारानी बाग में स्थित संपत्ति को अपने कब्जे में लिया गया है। यह अचल संपत्ति सुरभाई एडवरटाइजिंग के नाम पर दर्ज पाई गई थी। इस पूरी जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज की गई कुल 18 एफआईआर के आधार पर की गई थी।
फ्लैट देने के नाम पर खरीदारों से धोखाधड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आम्रपाली समूह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रों में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के तहत घर खरीदारों से पैसे लिए थे। कंपनी ने निवेशकों को तय समय के भीतर फ्लैट सौंपने और सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया था। हालांकि, वादों के विपरीत परियोजनाएं अधूरी ही रह गईं, जिसके कारण न तो खरीदारों को उनके फ्लैट मिले और न ही उनकी निवेश की गई राशि वापस लौटाई जा सकी।
फारेंसिक ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की जांच के दौरान किए गए फारेंसिक ऑडिट में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि के दुरुपयोग का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ईडी का यह भी आरोप है कि इस अवैध धन को विभिन्न शेल कंपनियों और समूह की अन्य कंपनियों के जरिए इधर-उधर स्थानांतरित किया गया था।
अन्य मामलों में भी हुई कुर्की
इसके अलावा, एक अन्य अलग कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने नेक्सा एवरग्रीन मामले में भी लगभग 34.91 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों में गुजरात, राजस्थान और गोवा जैसे राज्यों में स्थित जमीन के टुकड़े, फ्लैट और विभिन्न रिसॉर्ट्स में मौजूद हिस्सेदारी शामिल है। एजेंसी के मुताबिक, इनमें 69 अचल संपत्तियां ऐसी हैं जिनका कुल मूल्य करीब 29.37 करोड़ रुपये बनता है।

