मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में खाताधारकों की रकम के साथ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस बड़े घोटाले के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने बैंक शाखा के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने बैंक के अंदर मौजूद स्टाफ को बाहर निकालकर कामकाज को पूरी तरह से बंद करा दिया, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पीड़ित खाताधारकों के पैसे वापसी की मांग
धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि बैंक खातों में धोखाधड़ी का शिकार हुए सभी पीड़ित खाताधारकों की पाई-पाई वापस लौटाई जाए। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक प्रभावित ग्राहकों को उनका पैसा सुरक्षित नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन के चलते दिनभर बैंक परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही और सामान्य वित्तीय कामकाज ठप रहा।
चार बैंककर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
इस वित्तीय अनियमितता और घोटाले के सिलसिले में बैंक के पूर्व प्रबंधक रूपक राणा समेत कुल चार बैंककर्मियों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए बैंक उच्च अधिकारियों द्वारा एक विशेष कमेटी का भी गठन किया गया है जो मामले की पड़ताल कर रही है।
ग्राहकों में बरकरार है चिंता
यद्यपि बैंक अधिकारियों की ओर से खाताधारकों को उनकी जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित होने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ग्राहकों का गुस्सा और चिंता कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोग अपनी मेहनत की कमाई को लेकर आशंकित हैं और बैंक प्रशासन से ठोस समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

