भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची में छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अभियान का मुख्य उद्देश्य उन नागरिकों और युवाओं को सूची में शामिल करना है जो किसी कारणवश अब तक छूट गए हैं या जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।

अभियान की रूपरेखा और पहला चरण
इस विशेष अभियान के शुरुआती चरण में बूथ स्तर के अधिकारी यानी बीएलओ द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण सूची का वर्तमान निर्वाचक सूची के साथ मिलान किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम पुरानी सूची में मौजूद था लेकिन वर्तमान सूची से गायब है, तो ऐसे मामलों की एक अलग सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा, मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के संदर्भ में भी सूचियों का संशोधन और मिलान किया जाएगा।
बीएलओ द्वारा घर-घर भौतिक सत्यापन
सूची मिलान का कार्य पूरा होने के बाद बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं के नाम का भौतिक सत्यापन करेंगे। दिशा-निर्देशों के अनुसार, बीएलओ हर हफ्ते लगभग 20 से 25 मतदाताओं की स्थिति का सत्यापन करेंगे और इस पूरी प्रक्रिया को एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
प्रपत्र 6 के माध्यम से जोड़े जाएंगे नाम
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में छूटा हुआ पाया जाता है, तो उसका नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र 6 के माध्यम से आवेदन लिया जाएगा। इसके पश्चात, बीएलओ द्वारा प्रपत्र 6 और क्षेत्रीय सत्यापन प्रतिवेदन से जुड़े सभी आवेदन संबंधित निर्वाचन निबंधन अधिकारी को सौंप दिए जाएंगे ताकि समय पर नाम सूची में जोड़े जा सकें।

