सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामले में महिला आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने यह राहत इस बात को ध्यान में रखते हुए दी कि आरोपी महिला जांच में लगातार सहयोग कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

पीठ का फैसला और मामला

न्यायमूर्ति जेबी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए महिला को यह कानूनी राहत प्रदान की। आरोपी महिला के खिलाफ राजधानी के वसंत कुंज नार्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 34 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

क्या है पूरा मामला और आरोप

अभियोजन पक्ष और दस्तावेजों के अनुसार, मुख्य आरोपी निधि नेहरा शर्मा पर यह आरोप लगाया गया था कि उसने कंपनी की देनदारियों का भुगतान करने का झांसा दिया। आरोप है कि उसने एक व्यक्ति को गलत और भ्रामक जानकारी देकर बड़ी राशि अपने खातों में ट्रांसफर करने के लिए राजी किया। इसके बाद उस धनराशि का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए किए जाने की बात सामने आई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर शिकायतकर्ता को धोखा दिया गया था। बुलवार्क फैसिलिटीज मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक व्यावसायिक विवाद के उत्पन्न होने के बाद, शर्मा और अन्य संबंधित आरोपियों ने यह दावा किया था कि वे कंपनी की बकाया देनदारियों को चुकता कराने और निपटाने में सक्षम हैं। इसी के आधार पर धोखाधड़ी का यह पूरा प्रकरण सामने आया था, जिस पर अब सर्वोच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत का आदेश दिया है।

Anju Kunwar

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