भारत आगामी 20 से 22 नवंबर के दौरान नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के पहले ‘सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम’ (सभ्यताओं के संवाद मंच) की मेजबानी करेगा। इस तीन दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पाकिस्तान समेत 25 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

ऐतिहासिक पुराना किला बनेगा आयोजन स्थल
राष्ट्रीय राजधानी स्थित ऐतिहासिक 16वीं शताब्दी के किले, पुराना किला को इस आयोजन का स्थल चुना गया है। इस बहुपक्षीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस तीन दिवसीय मंच का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। पुराना किले को venue के रूप में चुनना भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निरंतरता को रेखांकित करने के उद्देश्य को दर्शाता है।
एससीओ सदस्य देशों और संवाद साझीदारों की भागीदारी
इस मंच पर सांस्कृतिक कूटनीति, विरासत, शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के क्षेत्रों में साझा संपर्कों और सहयोगात्मक पहलों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस पहल का प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2025 में तियानजिन में आयोजित एससीओ नेताओं के शिखर सम्मेलन में रखा गया था, जिसे बाद में इस समूह द्वारा अपनाया गया था। इस सम्मेलन के लिए रूस, चीन, यूएई, ईरान और बेलारूस सहित सभी 10 एससीओ सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों के साथ-साथ पर्यवेक्षक और संवाद साझीदार देशों के प्रतिनिधियों को भी बुलावा भेजा गया है।
पाकिस्तान की भागीदारी पर नजर
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भी इसमें आमंत्रित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि इस मंच पर उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा। यदि पाकिस्तानी मंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह 2023 के बाद से किसी पाकिस्तानी मंत्री की भारत की पहली यात्रा होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस मंच का मुख्य उद्देश्य एससीओ सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक समझ और आपसी संबंधों को बढ़ावा देना है।

