पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा आगामी 1 से 30 नवंबर, 2026 तक देश भर के दो हजार जिलों और शहरों में पांचवें राष्ट्रव्यापी ‘डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान-5’ का आयोजन किया जाएगा। यह अब तक की सबसे बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य सुदूर इलाकों में रहने वाले पेंशनभोगियों तक पहुंचकर उन्हें डिजिटल रूप से लाभान्वित करना है। इस अभियान के सुचारू संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं ने मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं।

चेहरे की पहचान तकनीक का होगा उपयोग
इस पूरे अभियान के दौरान चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) तकनीक के इस्तेमाल को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया जा सके। एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर आधारित यह तकनीक बुजुर्गों के लिए बेहद सरल और तेज साबित होगी। इस तकनीकी कार्य में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई द्वारा पूरी तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विभिन्न विभागों और संस्थाओं का सहयोग
इस बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए कई बैंक, जिला डाकघर, कल्याण संघ और विभिन्न सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें कुल 19 बैंक, बड़ी संख्या में जिला डाकघर, कल्याण संघ, रेलवे, रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए), दूरसंचार विभाग (डीओटी), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और राज्य सरकारें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, जन-जन तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए मीडिया माध्यमों, एसएमएस, जिंगल और लघु फिल्मों का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा।
विशेष शिविर और घर-घर सेवाएं
इस एक महीने चलने वाले कार्यक्रम को एक उत्सव का रूप दिया जाएगा जिसमें पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट जैसी अन्य जरूरी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। जिन स्थानों पर पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है, वहां बड़े शिविर (मेगा कैंप) लगाए जाएंगे। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर बुजुर्गों को उनके घर पर ही यह सेवाएं मुमुहैया कराई जाएंगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष अधिकारियों की भी तैनाती की गई है।

