मुजफ्फरपुर जिले के कांटी और सदातपुर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी परमानंद चौबे, जिन्हें लोग प्यार से पन्ना चौबे के नाम से भी जानते थे, उनका निधन हो गया है। उनके इस असमय प्रस्थान से स्थानीय निवासियों और उनके चाहने वालों में भारी शोक का माहौल बना हुआ है। परमानंद चौबे अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे और उनके निधन से इलाके में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है।

पहाड़पुर श्मशान घाट पर संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
समाजसेवी परमानंद चौबे के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ पहाड़पुर स्थित श्मशान घाट पर किया गया। इस दौरान उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और उनके परिचित उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति में नम आंखों के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां लोगों ने उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने जताया गहरा शोक
परमानंद चौबे के निधन की सूचना मिलते ही इलाके के कई गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करने वाले प्रमुख लोगों में शंभूनाथ चौबे, साहू भूपाल भारती, केशव चौबे और विकास चौबे शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कई लोगों ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
क्षेत्रीय समाज को अपूरणीय क्षति
परमानंद चौबे के निधन को कांटी और सदातपुर क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। उनके मिलनसार स्वभाव और सामाजिक सहभागिता ने उन्हें इलाके में विशेष पहचान दिलाई थी। उनके निधन पर विभिन्न वर्गों के लोगों ने दुख जताते हुए कहा है कि उनके सामाजिक कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा और उनका जाना क्षेत्र के लिए एक बड़ी हानि है।

