केंद्र सरकार ने मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्णय लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर यानी टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के दायरे में शामिल कर दिया है। सरकार के इस कदम से बाजार में बिकने वाले निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों पर रोक लगेगी और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

नोटिफिकेशन और नियम लागू होने की तिथि
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स ऑर्डर, 2021 की सूची में स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को जोड़ा गया है। इस सूची में शामिल होने वाला स्क्रीन गार्ड 66वां उत्पाद बन चुका है। इससे पहले लैपटॉप, चार्जर, स्मार्टफोन, प्रिंटर और एलईडी टीवी जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक सामान भी इस मानक के अंतर्गत लाए जा चुके हैं। यह नया नियम आगामी 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य रूप से प्रभावी होगा, ताकि निर्माताओं और आयातकों को गुणवत्ता के मानकों के अनुकूल खुद को ढालने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
क्या होंगी नई गाइडलाइंस और शर्तें?
नए नियमों के तहत निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि फोन गिरने की स्थिति में ग्लास झटके और चोट को सहन करने में सक्षम हो। इसके अलावा, टूटने पर ग्लास के टुकड़े बिखरकर यूजर को घायल न करें बल्कि आपस में चिपके रहें।
- फिंगरप्रिंट-रेसिस्टेंट कोटिंग, ब्लू-लाइट फिल्टर और एंटी-ग्लेयर फिनिश जैसी विशेषताओं का नियमन किया जाएगा।
- उत्पाद के पैकेट पर ब्रांड का नाम, निर्माण तिथि, बैच नंबर, ग्लास की सही मोटाई और BIS मार्क स्पष्ट रूप से मुद्रित होना अनिवार्य होगा।
घटिया उत्पादों पर लगेगी रोक
उद्योग संगठन ICEA के अधिकारियों के अनुसार, BIS प्रमाणन लागू होने से स्थानीय और विदेशी स्तर पर मिलने वाले घटिया सामान की बिक्री पर रोक लगेगी। इससे घरेलू निर्माताओं के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों को भी बाजार में समान अवसर प्राप्त होंगे।

