पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ाई गई अफस्पा की अवधि, छह महीने के लिए विस्तार

पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ाई गई अफस्पा की अवधि, छह महीने के लिए विस्तार

केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के तीन प्रमुख राज्यों—मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी अफस्पा (AFSPA) की मियाद को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यह बढ़ा हुआ कार्यकाल 1 अक्टूबर से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा, बशर्ते इसे समय से पहले वापस न लिया जाए।

पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ाई गई अफस्पा की अवधि, छह महीने के लिए विस्तार

मणिपुर राज्य के संदर्भ में इस विस्तार को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह राज्य लंबे समय से जातीय संघर्ष और हिंसक घटनाओं से जूझ रहा है। सरकार ने राज्य के अधिकांश हिस्सों को ‘अशांत क्षेत्र’ के दायरे में रखा है, हालांकि कुल 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्रों को इस नियम से बाहर रखा गया है। इन छूट प्राप्त क्षेत्रों में इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों के चुनिंदा पुलिस थाने शामिल हैं।

अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी सुरक्षा हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों के साथ-साथ नामसाई जिले के कुछ पुलिस थाना क्षेत्रों में इस कानून की अवधि बढ़ाई गई है। इन इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां ​​विद्रोही गतिविधियों और नशीली दवाओं की तस्करी पर लगातार निगरानी रख रही हैं।

वहीं, नागालैंड के नौ जिलों और पांच अन्य जिलों के विशिष्ट पुलिस थाना क्षेत्रों में भी अफस्पा को छह महीने के लिए जारी रखने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 1958 में लागू किया गया यह कानून केंद्र सरकार को किसी भी क्षेत्र को ‘अशांत’ घोषित करने और वहां सुरक्षा बलों को विशेष अधिकार देने की अनुमति देता है।

Anju Kunwar

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