उत्तराखंड स्थित यमुनोत्री धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी के मुख्य मार्ग पर खुले में जमा कचरे का ढेर स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी असुविधा का कारण बन गया है। तेज धूप के कारण कचरे में सड़न पैदा होने से आसपास के क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे वातावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। जानकीचट्टी यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद खास पड़ाव है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।

प्रशासन को सौंपा गया था ज्ञापन
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में जिलाधिकारी को पहले ही लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें जानकीचट्टी में जमे कचरे का तुरंत निस्तारण कराने की मांग रखी गई थी। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन को मामले की जानकारी देने के बावजूद अब तक कचरे को हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यात्रा सीजन के दौरान इस तरह मुख्य मार्ग पर कूड़े का ढेर होना स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलता है।

नियमित सफाई व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि जानकीचट्टी जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर कचरे का इस तरह खुले में पड़े रहना बाहर से आने वाले यात्रियों के बीच गलत संदेश देता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस डंप को तुरंत हटाया जाए और पूरे क्षेत्र की सफाई कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य के लिए स्थायी और नियमित कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की भी वकालत की है ताकि यात्रा सीजन में दोबारा ऐसी बदहाली का सामना न करना पड़े।

