तमिलनाडु के तंजावुर जिले में विशेष खुफिया इकाई (SIU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन हिज्ब-उत्-तहरिर (HuT) से कथित तौर पर जुड़े होने के आरोप में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई इस संगठन के लिए लोगों की भर्ती करने के आरोपों के आधार पर की गई है। इस घटनाक्रम के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

कीलावासल क्षेत्र में पांच घंटे तक चली तलाशी
विशेष खुफिया इकाई की टीम ने तंजावुर के कीलावासल इलाके में स्थित आरोपियों के आवासों पर छापेमारी की। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह तलाशी अभियान लगभग पांच घंटे तक लगातार चलाया गया। इस दौरान आरोपियों के घरों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव सहित अन्य सामग्रियां बरामद की गईं, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान जाकिर हुसैन, अब्दुल वर्गीस, उमर मुख्तार, यासिर अब्दुल, शम्सुद्दीन और शेख फरीद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इन सभी को सुबह के समय उस दौरान पकड़ा गया जब वे सो रहे थे। इस पूरी कार्रवाई के दौरान खुफिया इकाई और स्थानीय पुलिस बल के अधिकारी मौजूद रहे।
परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा विरोध प्रदर्शन
गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद आरोपियों के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों में रोष फैल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लिया गया है और सीधे पुलिस थाने ले जाया गया। इस बात से नाराज होकर परिजनों ने तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन वापस ले लिया।
संगठन की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
हिज्ब-उत्-तहरिर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पैन-इस्लामवादी और मौलिक राजनीतिक संगठन माना जाता है, जिसका उद्देश्य एक इस्लामिक खिलाफत को फिर से स्थापित करना और सभी मुस्लिम जमीनों को सख्त शरिया कानून के तहत एकजुट करना है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2024 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत इस संगठन को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया था।
इससे पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा इस प्रतिबंधित संगठन से जुड़े विभिन्न मामलों में कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके नेटवर्क को लेकर जांच जारी है। तमिलनाडु में हुई इस ताजा गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संदिग्धों पर भी टिक गई हैं।

