सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के कल्याण के लिए स्थायी समिति का किया गठन

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के कल्याण के लिए स्थायी समिति का किया गठन

उच्चतम न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की पहचान करने तथा उनके समाधान के वास्ते एक स्थायी समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य न्याय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को राहत प्रदान करना और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है।

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के कल्याण के लिए स्थायी समिति का किया गठन

समिति के नेतृत्व और सदस्यों की जानकारी

प्रधान न्यायाधीश द्वारा गठित इस महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस के. वी. विश्वनाथन करेंगे। इस समिति में चिकित्सा, मनोविज्ञान और कानून क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। पीजीआइएमईआर चंडीगढ़ की पूर्व डीन और मनोरोग विभाग की प्रमुख डॉ. सविता मल्होत्रा, मनोवैज्ञानिक तथा स्वानचेतन सोसाइटी फार मेंटल हेल्थ के सह-संस्थापक रजत मित्रा, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मृणाल कंवर और सुप्रीम कोर्ट के सेंटर फार रिसर्च एंड प्लानिंग की रजिस्ट्रार आरती सिंह इस समिति के अन्य सदस्यों के रूप में कार्य करेंगे।

किन चुनौतियों का सामना करते हैं न्यायिक अधिकारी

न्यायिक अधिकारियों को अपने दैनिक कामकाज के दौरान भारी मुकदमों के बोझ, लंबे कार्य घंटों, कठिन फैसलों, प्रशासनिक दबाव और अत्यधिक संवेदनशील मामलों जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अदालत के अनुसार, स्वतंत्र, प्रभावी और टिकाऊ न्याय प्रणाली को बनाए रखने के लिए इन अधिकारियों के कल्याण को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है।

समिति के कार्य और उद्देश्य

यह नवगठित समिति न्यायिक अधिकारियों के सामने आने वाली समस्याओं की गहन समीक्षा करेगी और संस्थागत स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप के क्षेत्रों की पहचान करेगी। इसके अलावा, समिति कल्याणकारी उपायों के बीच उचित समन्वय स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश भी तैयार करेगी। इसका अंतिम लक्ष्य पूरी न्यायिक प्रणाली के भीतर अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत और स्थायी ढांचा तैयार करना है।

Anju Kunwar

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