कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के कुलपति संतोष अजमेरा के साथ कथित तौर पर छात्रों द्वारा अभद्रता और दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। संस्थान के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब परिसर में पिछले कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

कार्यालय में तोड़फोड़ और खिड़कियों के शीशे टूटे
संस्थान द्वारा जारी बयान के मुताबिक, कुलपति के कार्यालय में बुधवार रात को तोड़फोड़ की गई थी, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ। कार्यालय परिसर में कथित तौर पर पत्थर फेंके गए जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए, इसके अलावा पानी और एयर कंडीशनर की लाइनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गुरुवार सुबह जब कार्यालय खोला गया तो वहां चारों तरफ टूटे हुए कांच, पत्थर और क्षतिग्रस्त फर्नीचर बिखरा हुआ पाया गया।
बैठक के बाद छात्रों द्वारा घेराव और दुर्व्यवहार
इस तोड़फोड़ की घटना की निंदा करने के लिए गुरुवार को एक बैठक बुलाई गई थी। बैठक समाप्त होने के बाद जब संकाय सदस्य हॉल से बाहर आ रहे थे, तब कुछ छात्रों ने कथित तौर पर कुलपति संतोष अजमेरा को घेर लिया। आरोप है कि छात्रों ने नारेबाजी की, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनमें से एक ने कुलपति के साथ हाथापाई भी की। करीब 15 दिन पहले ही कार्यभार संभालने वाले अजमेरा ने इस घटना को अस्वीकार्य बताया और कहा कि इस तरह के हमलों ने परिसर में एक डरावना माहौल पैदा कर दिया है।
कैंपस सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल
यह पूरा घटनाक्रम छात्रों द्वारा परिसर की सुरक्षा को लेकर बुलाए गए अकादमिक शटडाउन के बीच हुआ है, जो 28 सितंबर से शुरू होकर अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसके अलावा, कुलपति कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी चौथे दिन में प्रवेश कर गया। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े समूहों के साथ हुए टकराव के बाद हुई थी, जिसके बाद अनुशासनहीनता के आधार पर आठ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
छात्र संघ की मांगें और आगे की स्थिति
छात्रों के विरोध का दायरा बढ़ते हुए छात्र संघ ने संस्थान के चेयरमैन सुरेश गोयल को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। छात्र संघ ने अपनी मांगों में कुलपति के इस्तीफे, अनुशासनात्मक नोटिस को वापस लेने और परिसर में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराने की बात कही है। दूसरी ओर, संस्थान प्रशासन ने शांति और सामान्य शैक्षणिक माहौल को बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।

