दिल्ली: शाहदरा पुलिस स्टेशन में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी पर 15-20 वकीलों पर मामला दर्ज

दिल्ली: शाहदरा पुलिस स्टेशन में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी पर 15-20 वकीलों पर मामला दर्ज

राजधानी दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और आधिकारिक कामकाज में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में 15 से 20 वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 24 अक्टूबर को हुई थी और पूरी कार्रवाई थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई थी। इस मामले में गांधी नगर के सहायक आयुक्त पुलिस (ACP) मानस्वी वशिष्ठ की शिकायत के आधार पर 26 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया है।

दिल्ली: शाहदरा पुलिस स्टेशन में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी पर 15-20 वकीलों पर मामला दर्ज

कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर और थाने में हुआ था विवाद

शिकायत के मुताबिक, इस घटना की शुरुआत 24 अक्टूबर को हुई जब वकीलों के एक समूह ने कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर के पास हेड कांस्टेबल अमित मलिक को रोक लिया। वकीलों ने 21 अक्टूबर को दर्ज एक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर सवाल उठाए और मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस की। हालांकि, हेड कांस्टेबल को वहां से जाने की अनुमति मिल गई और वह वापस पुलिस स्टेशन लौट आए।

इसके बाद उसी दिन दोपहर करीब ढाई बजे, वकील अमूल्य और शाहदरा बार एसोसिएशन के सदस्यों सहित लगभग 15 से 20 वकील थाने पहुंचे। वे सीधे एसएचओ के कमरे में दाखिल हुए और वहां मौजूद अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने लगे। शिकायत के अनुसार, कड़कड़डूमा बार एसोसिएशन के सचिव पर भी आक्रामक व्यवहार करने और एसएचओ को भ्रष्ट कहने का आरोप लगाया गया है।

रिश्वत लेने का आरोप और अधिकारियों को धमकी

थाने के भीतर वकीलों ने पुलिस पर 21 अक्टूबर के मामले में आरोपियों को छोड़ने के एवज में रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया। एसीपी ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, लेकिन वकीलों का हंगामा जारी रहा।

इस दौरान एक वकील ने एसएचओ को पुलिस स्टेशन के अंदर पीटने की धमकी दी और विरोध करने पर उनके हाथ को खींचने का प्रयास किया। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया। एक अन्य वकील ने भी पुलिस अधिकारियों को गालियां दीं और धमकियां दीं। जाते-जाते समूह ने एसीपी से कहा कि वे कब तक आरोपियों को बचाते रहेंगे।

पुलिस जांच को प्रभावित करने का प्रयास

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वकीलों का यह पूरा आचरण पुलिस की जांच पर दबाव डालने और अधिकारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोकने का एक प्रयास था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस अधिकारियों द्वारा आगे की कानूनी जांच की जा रही है।

Anju Kunwar

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