खगड़िया में जलजमाव से प्रभावित खेतों से पानी निकालने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने तेज की कवायद

खगड़िया में जलजमाव से प्रभावित खेतों से पानी निकालने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने तेज की कवायद

बिहार के खगड़िया जिले में कृषि योग्य भूमि पर बने जलजमाव को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस पहल के तहत सदर और अलौली प्रखंड क्षेत्र के किसानों को राहत देने के लिए संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से स्थिति का जायजा लिया। खेतों में पानी जमा होने के कारण आगामी फसलों की बुआई पर मंडरा रहे संकट को खत्म करने के लिए योजना बनाई जा रही है।

खगड़िया में जलजमाव से प्रभावित खेतों से पानी निकालने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने तेज की कवायद

निरीक्षण और गाद हटाने की रणनीति

मंगलवार को बदला कराचीन के पास स्थित इटवा स्लुईस के निकट सदर विधायक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल ने दौरा किया। इस दौरान सदर एसडीओ, विभागीय अधिकारी और किसान नेता भी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की कि किस विधि से नाले या स्लुईस के पास जमा गाद को हटाया जाए ताकि सुचारू रूप से पानी की निकासी हो सके। स्थानीय किसानों के साथ हुई इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द जल निकासी का मार्ग प्रशस्त करना है।

प्रभावित क्षेत्र और किसानों को राहत

खगड़िया और अलौली प्रखंड के आधे दर्जन से अधिक पंचायतों के विभिन्न इलाकों में किसान लंबे समय से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। यदि इटवा स्लुईस के पास से गाद हटाकर पानी निकाला जाता है, तो माड़र, दहमा, भदास, नरायणा और संझौती जैसे क्षेत्रों के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। जानकारों का मानना है कि इससे हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि से पानी निकल जाएगा और समय पर खेती का काम शुरू हो सकेगा।

किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर

कृषि जानकारों और किसान संगठनों का कहना है कि जलभराव के कारण किसानों को पहले ही खरीफ फसल के दौरान नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में यदि समय रहते रबी की बुआई के लिए खेतों से पानी नहीं निकाला गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो सकती है। स्थानीय विधायक ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और जल्द ही पानी निकासी का कार्य धरातल पर उतरेगा।

Anju Kunwar

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