गूगल ने हाल ही में खुलासा किया है कि उसके एक एंड्रॉइड पार्टनर ने जानबूझकर लगभग 13 लाख सेट-टॉप बॉक्स में मैलवेयर स्थापित कर दिया था। इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के सामने आने के बाद गूगल ने उस चीनी पार्टनर कंपनी के साथ अपने सभी व्यावसायिक रिश्ते हमेशा के लिए खत्म कर दिए हैं।

फैक्ट्री स्तर पर छिपाया गया था बैकडोर
जांच में सामने आया है कि वीडियोस्ट्रॉन्ग टेक्नोलॉजी नामक इस कंपनी ने अपने उत्पादों में एक छिपा हुआ बैकडोर बना दिया था। इस खतरनाक कोड को छिपाने के लिए एक खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जिसके चलते जैसे ही उपयोगकर्ता उपकरण को पहली बार चालू करते थे, मैलवेयर लोड हो जाता था। यह समस्या केवल एक मॉडल तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई वर्षों से विभिन्न ब्रांडों और मॉडलों में इस तरह के उपकरण तैयार किए जा रहे थे। इस मैलवेयर की चपेट में एंड्रॉइड टीवी सेट-टॉप बॉक्स के अलावा टेलीहेल्थ डिवाइस, कराओके मशीनें और डिजिटल साइनेज स्क्रीन भी शामिल थीं।
किस प्रकार होता था नुकसान?
संक्रमित उपकरणों का उपयोग उपयोगकर्ताओं की जानकारी के बिना विभिन्न अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इनमें मुख्य रूप से विज्ञापन धोखाधड़ी (ad fraud), डेटा चोरी और अनधिकृत नेटवर्क ट्रैफिक को रूट करना शामिल था। कंपनी ने इस बैकडोर का एक्सेस साइबर अपराधियों को बेचकर अवैध कमाई की थी। इन मॉड्यूल्स के जरिए उपकरणों को चुपचाप रेजिडेंशियल प्रॉक्सी नेटवर्क से जोड़ा जाता था और अन्य मैलवेयर भी लोड किए जाते थे।
उपयोगकर्ता कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि यह बैकडोर सीधे उपकरणों के फर्मवेयर में गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उपयोगकर्ता इसे पूरी तरह से खुद से नहीं हटा सकते हैं। यदि डिवाइस बदलना संभव न हो, तो कुछ सावधानियां बरती जा सकती हैं:
- गूगल प्ले प्रोटेक्ट: सुनिश्चित करें कि आपके डिवाइस पर गूगल प्ले प्रोटेक्ट सक्रिय है, जो अनधिकृत इंस्टॉलेशन को रोकने में मदद करता है।
- संदिग्ध ऐप्स हटाएं: ऐसे किसी भी ऐप को अनइंस्टॉल करें जो बिना इस्तेमाल किए इंटरनेट को साझा करने के बदले पैसे या पुरस्कार का दावा करता हो।
- अनुमतियां जांचें: डिवाइस सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की अनुमतियों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें और जो ऐप्स आपने खुद डाउनलोड नहीं किए हैं, उन्हें तुरंत हटा दें।
गूगल ने इस बॉटनेट से जुड़े कमांड-एंड-कंट्रोल डोमेन को बंद कर दिया है और इस घटना के बाद डिवाइस निर्माताओं के लिए अपनी समीक्षा प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है।

