पश्चिम बंगाल सरकार ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के असाधारण कार्यों को मान्यता देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा साल 2027 से ‘सीमा मित्र’ पुरस्कार की शुरुआत की जाएगी, जिसके माध्यम से बीएसएफ, एसएसबी और राज्य पुलिस के कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरहदों पर मुस्तैद रहकर उत्कृष्ट योगदान देने वाले सुरक्षा कर्मियों के समर्पण को सराहना देना है।

चयन समिति का होगा गठन
इस नई पुरस्कार योजना के तहत योग्य और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों का चयन करने के लिए एक विशेष चयन समिति का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज इलाके में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति पूरी पारदर्शिता के साथ पुरस्कार के लिए योग्य उम्मीदवारों के नामों तय करेगी ताकि केवल सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को ही यह सम्मान मिल सके।
सीमा चौकियों का दौरा और जवानों से संवाद
दीपावली और काली पूजा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिंगलगंज सीमा चौकी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात जवानों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ समय बिताया। दौरे के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और जवानों के सामने आने वाली परिस्थितियों का जायजा लिया।
सुरक्षा बलों की भूमिका और सीमा सुरक्षा
देश की सुरक्षा में विभिन्न बलों की अलग-अलग और महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बीएसएफ के जवान भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालते हैं, जबकि सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान नेपाल और भूटान की सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं। इसके अलावा, राज्य पुलिस के कर्मी भी कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान देते हैं। ‘सीमा मित्र’ पुरस्कार की घोषणा इन्हीं सभी सुरक्षा बलों के योगदान को एक मंच पर सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई है।

