सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, एनएच-10 समेत कई रास्ते बंद

सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, एनएच-10 समेत कई रास्ते बंद

सिक्किम राज्य में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ों पर हो रही इस भारी वर्षा के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में नए सिरे से भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सिक्किम और सिलीगुड़ी के बीच सड़क संपर्क को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है।

सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, एनएच-10 समेत कई रास्ते बंद

राष्ट्रीय राजमार्ग-10 और अन्य प्रमुख मार्ग अवरुद्ध

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के 20 माइल क्षेत्र में भूस्खलन होने के कारण वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई है। गुरुवार सुबह से ही पहाड़ की ढलानों से लगातार बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी नीचे गिरने के कारण यह 20 माइल क्षेत्र बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। भूस्खलन के मलबे और कीचड़ के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से दब चुका है, जिससे आम यात्रियों के साथ-साथ दूर-दराज से सिक्किम घूमने आए पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिक्किम प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों को पूरी तरह से सतर्क रहने तथा भूस्खलन से प्रभावित इन खतरनाक क्षेत्रों में जाने से बचने की सख्त सलाह दी है। इसके अलावा, सिंगताम-रंगपो मार्ग पर भी भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए हैं, जिससे आवागमन बाधित हुआ है।

पश्चिम सिक्किम में सड़क संपर्क प्रभावित

लगातार हो रही इस भारी बारिश का असर पश्चिम सिक्किम के रास्तों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। रिम्बी-यूक्सोम सड़क पर भी एक नया भूस्खलन दर्ज किया गया है। लगातार मलबा गिरने और पहाड़ की ढलान के अत्यधिक अस्थिर होने के कारण प्रशासन ने गुरुवार सुबह ही इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही, रिम्बी से होकर खेचुपेरी से ग्यालशिंग जाने वाली सड़क के कई हिस्सों में भी मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। 20 माइल-बारदांग सड़क भी भारी बारिश और जलजमाव के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। संबंधित विभागों और प्रशासन द्वारा इन सभी प्रमुख मार्गों से कीचड़ और मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके।

तीस्ता नदी का बढ़ता जलस्तर और पड़ोसी क्षेत्रों में चेतावनी

सिक्किम में लगातार जारी बारिश के कारण तीस्ता नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार वर्षा के कारण नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर और अधिक ऊपर उठने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा के इस एहतियात को ध्यान में रखते हुए सभी निचले इलाकों में सतर्कता और चौकसी बढ़ा दी गई है।

दूसरी ओर, पड़ोसी देश भूटान में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसे देखते हुए भूटान नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेटरोलॉजी द्वारा अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। भूटान के इन इलाकों में तोर्सा और रायडाक नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर उत्तर बंगाल के क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Anju Kunwar

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